शनिवार के दिन चुपचाप दरवाजे पर बांध दें काला धागा, 4 उपाय जीवन मे कभी भी गरीबी का मुख नही देखोगे !!

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1 august आज saawn माह की आखिरी एकादसी, 3 तुलसी हाथ मे लेकर बोलो ये शब्द, चारो ओर मिलेगी सफलता Pradosh … vrat katha, vrat katha in hindi, pradosh Ki Kahani, pradosh Ki Katha, pradosh Vrat Katha, pradosh Vrat Vidhi, pradosh Udyapan, pradosh Paran, pradosh .30 जुलाई #एकादशी के दिन न करें ये गलतियाँ भगवान को होगा कष्ट, #putrada #Ekadashi 30 july 2020देवशयनी एकादशी व्रत की कथा सुनने से श्रीहरि भगवान हाथोंह…

शनिवार के दिन चुपचाप दरवाजे पर बांध दें ये एक चीज !! जीवन मे कभी भी गरीबी का मुख नही देखोगे !!
बहुत ज्यादा प्रिय है शनि को यह एक चीज घर में रखने के दिन से ही पैसा आना हो जाता है शुरू !
सावन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 31 जुलाई यानी आज देर रात 10 बजकर 42 मिनट से हो रहा है, जो 01 अगस्त को रात 09 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष पूजा का समय
इस बार पूजा का समय दो घंटे 06 मिनट का है। इस अवधि में ही आपको प्रदोष व्रत की पूजा विधि विधान से पूर्ण कर लेनी चाहिए। 01 अगस्त को शाम में 07 बजकर 12 मिनट से रात 09 बजकर 18 मिनट तक प्रदोष पूजा का मुहूर्त है।

 

3 अगस्त 27 योग में राखी पूर्णिमा, मंगल थाली में जरूर रखें 3 में से कोई 1 चीज़, खुलेगा किस्मत का ताला

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इस साल यानि 2020 में रक्षाबंधन का यह पावन महा त्यौहार 3 अगस्त 2020 सावन के पांचवी और आखिरी सोमवार को मनाया जाएगा । इसी दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी पड़ रहे हैं। वहीं दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा। ऐसा 29 साल बाद हो रहा है कि रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को है और इतने सारे शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा।
3 अगस्‍त को चंद्रमा का श्रवण नक्षत्र भी मौजूद है। वहीं इस बार मकर राशि का स्‍वामी शनि और सूर्य भी आपस में समसप्‍तक योग बना रहे हैं। इस खास योग में रक्षाबंधन होने भाई और बहन दोनों के बीच प्‍यार बढ़ता है और दोनों की आयु बढ़ती है।
पूर्णिमा तिथि का आरंभ – रात 9:28 (2 अगस्त)
पूर्णिमा तिथि समाप्त- रात 9:27 (3 अगस्त)
03 अगस्त को सुबह 05:44 AM से 09:25 AM तक भद्रा रहेगी। राखी बांधने का समय- 09:28 से 21:14
दोपहर का मुहूर्त- 13:46 से 16:26
प्रदोष काल शाम का मुहूर्त- 19:06 से 21:14

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Sawan 2020 में #श्रवण के dusre सोमवार को अद्भुत संयोग बन रहा है। 6 #जुलाई से हो रही सावन की शुरुआत के पहले दिन ही सोमवार है, वहीं इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे। यह माह 06 जुलाई से शुरू होकर 03 अगस्त तक चलेग, वहीं सावन माह के आखिरी दिन यानि रक्षा बंधन 03 अगस्त को भी सोमवार का दिन रहेगा। इस बार सावन की शुरुआत सोमवार से होकर इसका समापन भी सोमवार को ही होगा। 06 जुलाई को सावन की शुरुआत सोमवार को होने के बाद दूसरा सोमवार 13, तीसरा 20, चौथा 27 व पांचवां सोमवार सावन के समापन के दिन 03 अगस्त को पड़ेगा। तीन सोमवार कृष्ण पक्ष व दो सोमवार शुक्ल पक्ष में होंगे।

 

पेट में बच्चा कैसे बनता है – 1 to 9 month of baby growth

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कैसे जाने गर्भधारण हुआ है – सामान्यतया महिला को शुरूआत में तो पता ही नहीं होता कि वह गर्भधारण कर चुकी है, पीरियड के चौथे हफ्ते यानि अठाइस दिन के बाद भी माहवारी नहीं आती है तो प्रेगनेंसी का टेस्ट करना चाहिए । अगर टेस्ट पॉजीटिव आया तो गर्भधारण होने के कारण थोड़ी कमजोरी, थकान, अचानक मूड बदलना और उल्टी आने की समस्या हो सकती है।

जैसे-जैसे भ्रूण का विकास होता है उसके आसपास पानी की थैली (एम्नियोटिक सेक) बनने लगती है जो उसके लिए तकिये का काम करती है। इसी दौरान एक प्लेजेन्टा (एक गोल डिस्क के समान ओर्गन) भी बनने लगता है, यह माँ और शिशु (भ्रूण) को जोड़ता है जिससे माँ के पोषक तत्व शिशु को मिलते हैं।

पहले महीने में शिशु का चेहरा आकार लेने लगता है, इस दौरान मुँह, आँखें, नीचे का जबड़ा और गला भी बनने लगता है साथ ही रक्त कोशिकाएं बनने शुरू हो जाती है और रक्त प्रवाह शुरू हो जाता है। पहले महीने के अंत तक भ्रूण का आकार चावल के दाने से भी छोटा होता है।

दूसरे महीने में चेहरा और अधिक विकास करने लगता है, धीरे-धीरे भ्रूण के दोनों कान बनना शुरू हो जाते हैं, दोनों हाथ – पैर और उनकी अंगुलियाँ, आहार नलिका और हड्डियाँ बनना भी आरम्भ हो जाता है। छठे सप्ताह में शिशु की धड़कन सोनोग्राफी के माध्यम से देखी जा सकती है। दिमाग और स्पाइनल कोर्ड बनाने वाली न्यूरल ट्यूब बन जाती है, शिशु में थोड़ी सी महसूस करने की क्षमता पैदा होने लगती है। इस महीने के अंत तक शिशु विकसित होकर 1.5 सेंटीमीटर का हो जाता है और उसका वजन एक ग्राम होता है।

9 वें से 13 वें सप्ताह का समय शिशु के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है इसलिए इसे पीरियड ऑफ ओर्गनोजेनेसिस भी कहते हैं। इस समय तक शिशु के चेहरा कान, हाथ-पैर और अंगुलियाँ पूरी तरह से बन चुकी होती हैं। नाखुन बनना शुरू हो जाते हैं और जननांग बनने लगते हैं। इस महीने के अंत तक हृदय, धमनियाँ, लीवर और यूरिनरी सिस्टम काम करना शुरू कर देते हैं। यह शिशु के विकास का क्रिटीकल समय होता है इसलिए गर्भस्थ महिला को अपना विशेष ध्यान रखना होता है। छोटी-मोटी समस्या होने पर महिला को बिना चिकित्सक की सलाह के दवाई नहीं लेनी चाहिए।

शिशु के विकास का पहला चरण तीन महीनों में पूरा हो जाता है इसलिए इसके बाद गर्भपात होने की संभावना कम ही रहती है। तीसरे महीने के अंत तक शिशु की लम्बाई 5.4 सेंटीमीटर होता है और वजन 4 ग्राम होता है। महिला का शिशु से भावनात्मक रूप से लगाव होना शुरु हो जाता है।
चौथे महीने में आँखें, भौंहे, नाखुन और जनजांग बन जाते हैं। दाँत और हड्डियाँ मजबूत होने लगती हैं। अब शिशु सिर घुमाना, अंगुठा चुसना आदि शुरू कर देता है। इस महीने फीटल डोपनर मशीन से माँ बच्चे की धड़कन को पहली बार सुन सकती है। सामान्यतया इस समय डॉक्टर आपको डिलीवरी की तारीख दे देते हैं, शिशु का वजन 100 ग्राम तथा लम्बाई 11.5 सेंटीमीटर होता है।

पाँचवे महीने में सिर के बाल बनना शुरू हो जाते हैं। कंधा, कमर और कान बालों से ढके होते हैं यह बाल बहुत मुलायम और भूरे रंग के होते हैं यह बाल जन्म के बाद पहले सप्ताह तक झड़ जाते हैं इसके अलावा शिशु पर एक वेक्स जैसी कोटिंग होती है जो जन्म के समय निकल जाती है। इस समय तक शिशु की मांसपेशिया विकसित हो जाती है इसलिए वह हलचल शुरू कर देता है जिसे माँ महसूस कर सकती है। महीने के अंत तक वजन 300 ग्राम और लम्बाई 16.5 सेंटीमीटर हो जाती है।
छठे महीने में शिशु का रंग लाल होता है जिसमें से धमनियों को देखा जा सकता है । इस समय शिशु के महसूस करने की क्षमता बढ़ जाती है और वह साउण्ड या म्यूजिक को महसूस कर उस पर प्रतिक्रिया देने लगता है। इस महीने के अंत तक उसका वजन 600 ग्राम और लम्बाई 30 सेंटीमीटर हो जाती है।

सातवें महीने में शिशु में फेट बढ़ने लगता है, उसकी आवाज सुनने की क्षमता और अधिक बढ़ जाती है, लाईट के प्रति अपना रिएक्शन देता है और जल्दी-जल्दी अपना स्थान बदलता रहता है। इस समय तक शिशु इतना विकसित हो चुका होता है कि किसी कारण से प्री मेच्योर डिलीवरी हो जाये तो वह जीवित रह सकता है।

आठवें महीने में शिशु की हलचल और अधिक बढ़ जाती है जिसे माँ बहुत अच्छे से महसूस कर सकती है। इस समय दिमाग का विकास तेजी से होता है और वह सुनने के साथ देख भी सकता है । फेंफड़ों के अलावा अन्य सभी शारीरिक अंगो का विकास पूरा हो चुका होता है। इस महीने में शिशु का वजन 1700 ग्राम होता है और लम्बाई 42 सेंटीमीटर होती है।

अब महिला का नये जीवन को दुनिया में लाने के प्रति उत्साह चरम पर होता है और वह जन्म का इंतजार करने लगती है।
नवें महीने में बच्चे के फेफड़े भी पूरी तरह से बन चुके होते हैं । शरीर में हलचल बढ़ जाती है पलके झपकाना, आँखे बंद करना, सिर घुमाना और पकड़ने की क्षमता भी विकसित हो जाती है । इस महीने के अंत तक गर्भाशय में जगह कम होने के कारण शिशु की हलचल कम होने लगती है। इस समय बच्चे का वजन 2600 ग्राम और लम्बाई 47.6 सेंटीमीटर होती है।
अब शिशु दुनिया में आने के लिए तैयार हो जाता है और धीरे-धीरे नीचे आने लगता है । जन्म के समय सामान्यतया शिशु का सिर पहले बाहर आता है । महिला के गर्भधारण से लेकर शिशु के दुनिया में आने की यात्रा अनूठी और कई तरह के अनुभव लिए होती है। डॉक्टर द्वारा दी गयी तारीख नजदीक आने पर महिलाएं नार्मल डिलीवरी के लिए शरीर पर जोर डालने लगती है, ऐसा नहीं करना चाहिए । यदि महिला स्वस्थ है तो नार्मल डिलीवरी की सभांवनाएं अधिक रहती हैं।

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रात को सोते समय लौंग का पानी पीने के चमत्कारी फायदे

लौंग के फायदे

लौंग एक लोकप्रिय मसाला है जो लगभग हर भारतीय रसोई का एक हिस्सा है। यह अद्भुत मसाला कई स्वास्थ्य लाभों से भरा हुआ है। लौंग का उपयोग दंत समस्याओं के लिए एक उपाय के रूप में किया जाता है। कई अन्य लाभ हैं जो लौंग आपको प्रदान कर सकते हैं। लौंग विटामिन सी, फाइबर, मैंगनीज, एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन के से भरपूर होती है। लौंग को अपने आहार में शामिल करने के विभिन्न तरीके हैं।

आप इसे विभिन्न खाद्य पदार्थों का हिस्सा बना सकते हैं जिन्हें आप तैयार करते हैं। लेकिन मात्रा के बारे में सावधान रहें। लौंग का पानी आपके आहार में लौंग के स्वास्थ्य लाभ का एक और शानदार तरीका है। यहाँ कुछ तरीके हैं कि लौंग का पानी आपके स्वास्थ्य को विभिन्न तरीकों से कैसे बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा, इस पेय को तैयार करने का तरीका भी जानें।

 लौंग का पानी पीने के चमत्कारी फायदे

लौंग के पानी के उपयोग और लाभों के साथ शुरू करने से पहले, यहाँ लौंग के कुछ उल्लेखनीय स्वास्थ्य लाभ दिए गए हैं-

1. लौंग एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध है जो आपको ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने और सूजन को कम करने में मदद कर सकती है

2. लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो आपको संक्रमण और हानिकारक बैक्टीरिया से बचा सकते हैं

3. मधुमेह रोगी अपने आहार में लौंग भी शामिल कर सकते हैं क्योंकि यह स्वस्थ आहार के साथ संयुक्त होने पर रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद कर सकता है

4. यह आपको कई दंत समस्याओं से राहत दे सकता है

5. यह पाचन संबंधी मुद्दों, उल्टी और अन्य मतली से लड़ने में भी सहायक है

लौंग का पानी

लौंग का पानी आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है, खासकर सर्दियों के मौसम में। यह आपको पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करेगा। यह वजन घटाने का भी समर्थन करता है। यह सूजन को भी कम करेगा। ज्यादातर लोग वजन घटाने के लिए आमतौर पर लौंग के पानी का उपयोग करते हैं क्योंकि यह प्रक्रिया को तेज कर सकता है। आप दो लौंग को एक गिलास पानी में भिगोकर रात भर रख सकते हैं। सुबह में यह पहली चीज के रूप में पीते हैं।

वजन कम करने के लिए लौंग का पानी पीएं

आप वजन घटाने के लिए तीन अद्भुत मसालों- लौंग, दालचीनी और जीरा के साथ एक पेय तैयार कर सकते हैं। इन तीन मसालों को भूनें और इनसे पाउडर बना लें। हर सुबह इस मिश्रण का एक चम्मच लें और एक गिलास पानी में उबालें। एक बार करने के बाद पेय को ठंडा होने दें। आप स्वाद के लिए इस पेय में थोड़ी मात्रा में शहद भी मिला सकते हैं।

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झाड़ू को घर में रखें इस स्थान पर, बरसेगि माता लक्ष्मी की अपार अद्भुत कृपा

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वास्तु शास्त्र में झाड़ू को रखने की दिशा और इसे लगाने का समय का उल्लेख किया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि झाड़ू का सही तरीके से उपयोग किया जाता है और घर में सही दिशा में रखा जाता है, तो यह आपको एक बड़ा सौदा बना सकता है। वास्तु शास्त्र की तरह ही हमारे शास्त्रों में भी झाड़ू के उपयोग के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। झाड़ू को सही दिशा में रखें –

छिपाकर रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां किसी की नजर उस पर न पड़े। झाड़ू को हमेशा लेटा कर रखें और कभी भी उल्टा न रखें। झाड़ू को उल्टा रखना नपुंसकता का संकेत है।

घर से बाहर रखें

रात के समय घर के पास या घर के मुख्य दरवाजे के पास झाड़ू रखना शुभ माना जाता है और कहा जाता है कि अगर रात के समय झाड़ू को इन जगहों पर रखा जाए तो घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर सकती है। हालाँकि, याद रखें कि आप झाड़ू को रात में ही बाहर रखें और दिन के समय किसी को भी इसे देखने न दें।

इस दिशा में रखें

झाड़ू को हमेशा अपने घर के नैऋत्य कोण में रखना सबसे अच्छा माना जाता है और आप भी झाड़ू को केवल इसी दिशा में रखें। इसके अलावा इसे कभी भी अपने घर की छत के ऊपर न छोड़े। छत पर झाड़ू रखने से घर में धन की कमी होती है और चोरी की संभावना बनी रहती है।

रात को बस एक चम्मच खा लो शुगर/डायबिटीज जड़ से ख़त्म हो जाएगी

Sugar ke gharelu nuskhe

महंगी से महंगी दवाइयों का सेवन करने के बाद भी डायबिटीज का उपचार नहीं हो पाता और अंत समय में हमें याद आता है कि काश हम भी घरेलू नुस्खे और हमारे आसपास के आयुर्वेदिक उपचार की सहायता लेते तो शायद ठीक हो जाते हैं|

नमस्कार दोस्तों आज की ताकि कल में हम आपको बताएंगे कि आप घरेलू नुस्खों के द्वारा डायबिटीज का सफलतापूर्वक कैसे उपचार कर सकते हैं |

कई सारे लोगों ने घरेलू नुस्खों के द्वारा कई गंभीर बीमारियों से निजात पाया है | अगर हम घरेलू नुस्खों को प्राथमिकता दें तो बहुत ही कम समय में हमारा शरीर स्वस्थ हो सकता है और कम खर्चे में हम स्वस्थ रह सकते हैं तो आइए देखते हैं कि ऐसा कौन सा नुस्खा है जिसके माध्यम से आप अपने शुगर की बीमारी को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं

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5 मिनट्स में अनचाहे बाल हटाने का जबरदस्त घरेलु उपाय

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चेहरे पर बाल होना एक आम समस्या है पुरुष लोग तो इसे शेविंग के माध्यम से हटवा देते हैं लेकिन अगर बात करी जाए   लड़कियों की तो चेहरे पर बाल आ जाने से सुंदरता कुछ कम हो जाते हैं |

बाजार में उपलब्ध महंगे महंगे पार्लर में जाने से बेहतर है कि कुछ घरेलू नुस्खे के द्वारा इन बालों को हटाया जाए | अगर आप पार्लर जाते हैं तो वहां पर काफी ज्यादा खर्चा हो जाता है जो कि आज के समय में एक आम आदमी के लिए बहुत ही बड़ी समस्या है |

इस समस्या का समाधान करने के लिए हम आपके लिए एक ऐसा घरेलू नुस्खा लेकर आए हैं जिसके माध्यम से आप अपने चेहरे के बालों को बहुत ही कम समय में और बहुत ही कम खर्चे में हटा सकते हैं आपका चेहरा काफी खूबसूरत लगेगा रंग साफ होगा  – 

5 मिनट्स में अनचाहे बाल हटाने का जबरदस्त घरेलु उपाय

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सिर्फ 5 मिनट में जुकाम कफ खांसी से पाये छुटकारा पाए, पुराने ज़माने का नुस्खा

jhukaam

 

आज के समय में जुखाम की समस्या होना बहुत ही साधारण सी बात है जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने कोने में सभी लोग COVID-19 के समस्या से परेशान हैं ऐसे में सबसे पहले जुखाम की समस्या हो जाती है|

जुखाम की समस्या के लिए वैसे तो कई सारी दवाइयों का लोग सेवन करते हैं लेकिन अगर हमारे आयुर्वेदिक की सलाह के अनुसार हम काम करें तो जुखाम की समस्या से निजात पाया जा सकता है |

मित्रों आज की पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं कि आप साधारण से घरेलू नुस्खे के द्वारा अपना भयंकर से भयंकर जुखाम कुछ ही मिनटों में दूर कर सकते हैं

तो आइए चलिए जानते हैं जुखाम के घरेलू नुस्खे और यदि आपको याद कर लिया वीडियो अच्छा लगता है तो कृपया शेयर जरूर करें –