नागपंचमी की कथा सुनने के फायदे जाने नाग पंचमी क्यो मनाया जाता है ।

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नाग पंचमी की पूजा विधि – Nag Panchami Pooja Vidhi

—  सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई और स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।

—  दीवार पर गेरू पोतकर पूजा करने का स्थान बनायें।

—  कच्चे दूध में कोयला घिस कर उससे गेरू से बने स्थान पर घर जैसी आकृति और उसके अंदर पांच फन वाले नाग देवता की आकृति बनायें।

—  अथवा घर के दरवाजे के दोनों तरफ पांच फन वाले नाग देवता की आकृति बनायें।

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—  नाग देवता बनाने का एक अन्य तरीका यह है की एक रस्सी में सात गांठ लगा लें। इसे पाटे पर रखकर उसकी पूजा की जा सकती है।

—  अब यदि संभव हो तो नाग की बमई पर एक कटोरी दूध चढ़ा कर पूजा करें ।

—  बमई ना हो तो दीवार पर बने या पाटे पर बिराजे नाग देवता की पूजा भी की जा सकती है।

—  पूजा के लिए रोली ,अक्षत से टीका करके मोली , पुष्प ,गंध आदि अर्पित करें।  भीगा अनाज , धान , खील , दूर्वा , खीर या दूध , मिठाई आदि अर्पित  करें।

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—   नागपंचमी की कथा सुने। कथा आगे दी गई है।

—  आरती करें।

—  सास या जेठानी को भीगे अनाज , मिठाई तथा यथा शक्ति रूपये का बायना पैर छूकर दें और आशीर्वाद लें।

—  नागपंचमी के दिन धरती नहीं खोदनी चाहिए।

नाग पंचमी की कथा


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