एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) करने से पहले जान लें यह जरूरी नियम अन्यथा नहीं मिलता है व्रत का पूर्ण फल

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एकादशी व्रत को संसार में सबसे बड़े व्रत का स्थान प्राप्त है | एकादशी व्रत उपवास (fast) को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पुण्य दाई माना गया है |


साल भर में 24 एकादशी व्रत आते हैं और जो कोई भी मनुष्य पूरे साल एकादशी व्रत रहकर नियमों का पालन करता है तो ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री हरि विष्णु उसकी सभी मनोकामनाएं को पूरा करते हैं, वे उसे सभी समस्याओं से बाहर निकालते हैं|

एकादशी व्रत करने से पहले जान लें यह जरूरी नियम अन्यथा नहीं मिलता है व्रत का पूर्ण फल

 

 

परंतु यदि आप पहली बार एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं और इसके नियमों के बारे में नहीं जानते हैं तो हम आपको बता दें कि एकादशी का व्रत आसान नहीं होता है इसके नियम बहुत ही कठोर होते हैं | व्रती को इन कठोर नियमों का पालन अवश्य ही करना होता है नहीं तो एकादशी व्रत का पूर्ण फल उसे नहीं मिलता है|

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आज हम अपने इस आर्टिकल में आपके लिए एकादशी व्रत से जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं | हम आपको बताएंगे कि यदि आप एकादशी व्रत करने जा रहे हैं तो आपको किन चीजों का त्याग करना चाहिए कि आपका एकादशी का व्रत सफल रहे-

एकादशी व्रत के नियम

  • एकादशी व्रत के नियम दशमी से ही शुरू हो जाते हैं,एकादशी के व्रत के नियम दशमी से शुरू होकर द्वादशी की सुबह तक चलते हैं|
  • व्रती को एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए|
  • आज के दिन भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा से पहले सूर्य (sun) को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए|
  • एकादशी के व्रत में कभी भी मां तुलसी को जल ना चढ़ाएं इस दिन मां तुलसी भगवान विष्णु (lord vishnu) के साथ तपस्या में लीन रहती है|
  • एकादशी के व्रत में बाल धोना वर्जित माना जाता है |
  • एकादशी के व्रत में नमक तेल चावल तथा अन्य वर्जित होता है|
  • एकादशी व्रत में सिर्फ एक बार फलाहार भोजन ही किया जाता है|आप चाहे तो एकादशी के व्रत को निर्जल अथवा सिर्फ फल खाकर ही रख सकते हैं|
  • एकादशी के व्रत में दशमी के दिन से ही मसूर की दाल, चने का साग,शहद और चावल का त्याग कर दिया जाता है|
  • एकादशी का व्रत रखने के लिए दशमी के दिन से ही ब्रह्मचर्य का पालन आवश्यक होता है|
  • एकादशी के व्रत में कभी भी क्रोध अथवा लड़ाई झगड़ा ना करें|
  • एकादशी के व्रत रखने वाले को कभी भी दूसरे की निंदा चुगली आदि नहीं करने चाहिए|
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